सोमवार, 5 जुलाई 2021

पेरेंट्स की ये गलतियां मार देती है बच्‍चों की भूख

जब बच्‍चें खाने लायक हो जाते है तो हर मां बाप की इच्‍छा होती है कि उनका बच्‍चा अच्‍छे से अच्‍छी डाइट खाएं लेकिन छोटी उम्र में बच्‍चें उनकी बाते सुनते ही नहीं है और अटरम शटरम खाना पसंद करते है।

माता पिता कितनी कोशिश क्‍यूं न करें लेकिन बच्‍चों वो ही खाते है जो उनका मन करें। ऐसा नहीं है कि बच्चों को भूख नहीं लगती है बल्कि सच्चाई यह है कि कई बार पेरेंट्स की गलतियों की वजह से ही बच्चों की भूख मिट जाती है।

अधिकतर पेरेंट्स सिर्फ खाने की मात्रा पर ध्यान देते हैं उनका क्वालिटी से कोई लेना देना नहीं होता है। पैरेंट्स को बचपन से बच्‍चों में हेल्‍दी हेबिट डालनी चाहिए, पैरेंट्स को बच्‍चों के खान पान के साथ लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

यह बहुत ही गलत बात है और ऐसी ही कुछ गलतियों के कारण बच्चे ठीक से नहीं खा रहे हैं। इस आर्टिकल में हम आपको उन गलतियों के बारे में ही बता रहे हैं।

स्‍नैक की टाइमिंग भी करें फिक्‍स

अगर आप बच्चों को उनकी जिद पर शाम को चॉकलेट, कूकीज या आइसक्रीम खाने की इजाजत देते हैं तो यह आपकी ही गलती है।

इन चीजों के सेवन से बच्चे ज्यादा कैलोरी हासिल कर लेते हैं जिस वजह से वे खाने के टाइम पर उन्हें भूख ही नहीं लगती है।

एक बात हमेशा ध्यान रखें कि खाने के कुछ देर पहले कभी भी बच्चों को हाई कैलोरी वाली चीजें ना खिलाएं।

खाने की क्‍वालिटी के साथ क्‍वाटिंटी भी देखिए

अगर आपका बच्चा लंच या डिनर में खाना खाते समय ज़रूरत से ज्यादा मात्रा में खा रहा है तो इसका असर भी उसकी भूख पर पड़ता है। कई पेरेंट्स ऐसा सोचते हैं कि घर पर बने खाने को चाहे जितनी मात्रा में खाया जाए वो नुकसानदायक नहीं होता है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। खाना चाहे जैसा भी हो जितना भी पौष्टिक हो लेकिन अगर उसे अधिक मात्रा में खायेंगे तो वह शरीर के लिए नुकसानदायक ही है। इस वजह से बच्चा अगले टाइम का मील नहीं खा पाता है। इसलिए आगे से बच्चों को सीमित मात्रा में खाना खिलाएं।

हेल्‍दी फूड पर ध्‍यान दे

बच्चे के लिए जब तक आप अच्छे से डाइट चार्ट नहीं फॉलो करेंगी तब तक ऐसी मुश्किलें होती रहेंगी। दिन में तीन बार फुल मील और दो बार स्नैक का सेवन बच्चों के लिए एकदम उपयुक्त है।

इससे बच्चे का पाचन तंत्र भी सही रहता है और अगले मील के टाइम पर उसे भूख भी लग जाती है। कभी भी बच्चों को खाना खाने से तुरंत पहले फल ना दें क्योंकि इससे भी उनकी भूख मिट सकती है।

इन फूड को अवॉइड करें

कई पेरेंट्स यह गलती करते हैं कि वे अपने बच्चों को हेल्दी फ़ूड खिलाने के चक्कर में यह सोचते ही नहीं हैं कि कब और कितनी मात्रा में कोई चीज खिलानी है।

सिर्फ हेल्दी पढ़कर कभी भी बच्चों को कोई चीज ना खिलाये बल्कि उससे पहले उसका फ़ूड लेबल अच्छे से चेक करें। कई पैक्ड जूस में शुगर की मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि बच्चे उसे खाकर कई बीमारियों के मरीज हो सकते हैं।

इसलिए आगे से कोई भी पैक्ड फ़ूड या जूस खरीदने से पहले उसका फ़ूड लेबल ज़रूर चेक करें।

खाने खाना का समय निश्चित करें

आपको बता दें कि अगर आप बच्चे को सही टाइम पर नाश्ता, लंच और डिनर करा दें तो इससे उसका पाचन तंत्र दुरुस्त होने लगता है और उसे सही समय पर अपने आप भूख लगने लगती है।

दो टाइम के खानों के बीच में कैलोरी युक्त चीजों का सेवन या सही समय पर नाश्ता और डिनर ना करने की वजह से कई बार बच्चों को सही टाइम पर भूख ही नहीं लगती है।

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