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सोमवार, 5 जुलाई 2021

इन देसी नुस्‍खों से सही करें बच्‍चों के मुंह के छाले


कब्ज और पेट की गर्मी के कारण अक्सर मुंह में छाले हो जाते हैं। मुंह में छालों की वजह से बहुत परेशानी होती है। बड़े लोग तो इस समस्या को सह लेते हैं लेकिन जब छोटे बच्चों के मुंह में छाले हो जाते हैं तो उन्हें बहुत प्रॉब्लम हो जाती है। छालों की वजह से बच्चे कुछ खा नहीं पाते और चिड़चिड़े हो जाते हैं।

मुंह में दर्द के कारण वे रोते रहते हैं जिस वजह से पेरेंट्स को भी काफी परेशानी होती है। मुंह के छाले कई कारणों से हो सकते हैं। इनको दूर करने के लिए आइए जानते हैं कुछ घरेलू उपाय करने चाहिए।

छालों को दूर करने के घरेलू उपाय -

1. शहद

शहद के इस्तेमाल से छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं। बच्चों के मुंह में छालों की जगह पर थोड़ा-सा शहद लगाएं जिससे काफी फायदा होगा लेकिन 1 साल के कम उम्र के बच्चों के लिए शहद का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

2. हल्दी

हल्दी में शहद मिलाकर छालों पर लगाने से भी फायदा होता है। हल्दी में जलनरोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो किसी भी तरह के जख्मों को ठीक करने में मदद करते हैं। हल्दी और शहद का पेस्ट लगाने से छालों की दर्द में भी फर्क पड़ता है और यह जल्दी ठीक भी होते हैं।

3. नारियल

मुंह के छालों को दूर करने के लिए नारियल बहुत काम आता है। इसका तेल, पानी और दूध तीनों चीजें छाले दूर करने में फायदेमंद है। छाले होने पर बच्चों को नारियल पानी देना चाहिए या नारियल के दूध से गरारे करने से भी लाभ होता है। बहुत छोटे बच्चों के छालों पर नारियल तेल लगाना चाहिए।

4. घी

दर्द से राहत पाने के लिए छालों पर देसी घी लगाना चाहिए। बच्चों के मुंह में इसको लगाने से कोई समस्या नहीं होती और इससे फायदा भी होता है।

5. छाछ

इसमें लैक्टिक एसिड होता है जो जीवाणुओं के विकास को रोकने में मदद करता है। इसलिए छाछ के सेवन से मुंह में छालों की समस्या दूर होती है।

6.दही

दही के सेवन से भी छाले ठीक होते हैं। अधिकतर बच्चे दही खाने में आनाकानी करते हैं ऐसे में उन्हें दही और शहद की स्मूदी बनाकर पीलानी चाहिए।

7. बेकिंग सोडा

इसमें सोडियम बाइकार्बोनेट होता है जो छालों को ठीक करने में मदद करता है। इसके लिए 1 चम्मच बेकिंग सोडे में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को छालों पर लगाएं। दिन में 2-3 बार इसका इस्तेमाल करने से छालों में आराम मिलता है।

8. तुलसी के पत्ते

छालों की समस्या में बच्चों को तुलसी के 2-3 पत्ते चबाने के लिए देने चाहिए। इसके अलावा पत्तों का पेस्ट बनाकर भी उसे छालों पर लगा सकते हैं।

9. गर्म पानी

गुनगुने पानी से भी छालों में फायदा होता है। इसमें थोड़ा-सा नमक डालकर गरारे करने से छाले जल्दी ठीक होते हैं।

10. आइस क्रीम

छालों की जलन और दर्द से राहत पाने के लिए बच्चों को आइस क्रीम खिलानी चाहिए। इससे बच्चों के मुंह का स्वाद भी बदलेगा और छालों में भी फायदा होगा।

11. करी पत्ता

थोड़े से करी पत्तों से बने पेस्ट को छाछ के साथ मिलाने पर यह मुंह के छालों के लिए स्वादिष्ट और कारगर उपचार बन जाता है जिसे ‘सांबरम' के रूप में भी जाना जाता है। आप इसे अपने बच्चे को पीने के लिए या माउथ वॉश के रूप में प्रयोग करने के लिए कह सकती हैं।

करी पत्ता जलनरोधी और रोगाणुरोधी होता है। इसमें बहुत सारे विटामिन भी शामिल होते हैं जैसे विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी और विटामिन ई। इसलिए यदि आपके बच्चे को विटामिन की कमी की वजह से छाल हुआ है तो उसके खाने में करी पत्ता शामिल करना ना भूलें।

आप नारियल और नमक के साथ भुने हुए करी पत्ते का पाउडर भी बना सकती हैं। इसे अपने बच्चे के चावल में घी के साथ डालकर दें।

12. एलोवेरा

एलोवेरा जैल से भी छालों को दूर किया जा सकता है। दिन में 3-4 बार छालों पर जैल लगाने से बहुत जल्दी फर्क पड़ता है।

13. विटामिन सी

विटामिन सी, आयरन या जिंक की कमी की वजह से मुंह के छाले हो सकते हैं। विटामिन सी की कमी की पूर्ति करने के लिए नींबू या संतरे का रस बेबी को थोड़ा सा चटा सकते हो या फिर मुंह में लगा सकते हैं।

14. टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल एसेंशियल ऑयल में से एक होता है और यह तेल कई तरह की स्किन प्रॉब्‍लम को दूर करता है। य‍ह एक प्राकृतिक स्किन टोनर है। इसके अलावा टी ट्री ऑयल मुंह के छालों के लिए भी बहुत असरदायक है। 3-4 बूंदे टी ट्री ऑयल की गर्म पानी में मिलाएं। इसके बाद इस पानी से कुल्‍ला करें। यह विधि दिन में 3 से 4 बार दोहराएं।

15. लहसुन

लहसुन मुंह के छालों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद एंटीफंगल गुणों की वजह से मुंह के बैक्‍टीरिया और फंगस का खात्‍मा कर इम्‍यूनिटी सिस्‍टम को बढ़ाता है। मुंह के छालों से मुक्ति पाने के लिए शिशु की जीभ में लहसुन का तेल लगाएं, इसके अलावा कुछ लहसुन की कलियां भी खिला सकते हैं।

16. नीम

नीम को कई सालों से पारम्‍पारिक दवाई के तौर पर यूज करते आ रहे हैं। आयुर्वेद में नीम को कई बीमारियों की दवाई के तौर पर बताया गयाहै। इसमें एंटी फंगल, एंटी बैक्‍टीरियल गुण मौजूद होते हैं। मुंह के छालों से बचने के शिशु की जीभ में 3 बूंदे नीम लगाएं या नीम की पत्‍ती भी पीसकर लगा सकती हैं।

17 लौंग का तेल

लौंग के तेल में यूजेनॉल होता है जिसमें रोगाणुरोधी गुण होते हैं। लौंग के तेल को प्रभावी घरेलू उपचार के रूप में माना जाता है लौंग तेल के एंटीसेप्टिक प्रभाव खमीर और बैक्टीरिया के विकास को बाधित करने में फायदेमंद होते हैं। बच्‍चों के जीभ में दिन में दो से तीन बार लौंग का तेल लगाना चाहिए।

18. केस्‍टर ऑयल

केस्‍टर ऑयल में कई चमत्‍कारी गुण होते हैं। इसी वजह से यह मुंह में हुए छालों के लिए काफी लाभदायक होता है। इसमें मौजूद रिसीनोलिक एसिड में उच्च रोगाणुरोधी और एंटिफंगल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया, खमीर और मोल्ड को मार सकते हैं। केस्टर ऑयल शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में सहायक होता है। इसें बच्‍चों के जीभ में लगा दें इससे शिशु को कुछ ही देर में राहत मिल जाएगीं।

19. काले अखरोट

काले अखरोट में मौजूद कैंडिडा मुंह के छालों का खात्‍मा करता है।

काले अखरोट में एक सक्रिय संघटक होता है जुगोन, जिसमें एंटिफंगल गुण होते हैं इसके अलावा, काले अखरोट में तनिन की भरपूर मात्रा होती है जो रक्तचाप को कम करना, दस्त से राहत देने, थायरॉयड रोग का इलाज करना और गले में खराश का उपचार करता है। शिशुओं और वयस्कों दोनों मुंह के छालें को दूर करने के लिए इसका सेवन कर सकते हैं।

गर्म पानी के गिलास में काले अखरोट के दो से तीन टुकड़ो को भिगोए और फिर इसे सुबह में खाएं इस उपचार को तीन बार दोहराएं।

20. निप्‍पल को धोएं और सुखोएं फिर स्‍तनपान कराएं

स्‍तनपान करवाने वाली मां के लिए यह बहुत जरुरी टिप्‍स है। स्‍तनपान करवाने से पहले निप्‍पल को हल्‍के गुनगुने पानी से धोएं और फिर इसे सुखा दें। इसके बाद ही बच्‍चें को दूध पिलाएं ताकि निप्‍पल पर जमें हुए बैक्‍टीरिया और फंगस साफ हो जाएं और इससे बच्‍चों के मुंह के छाले से बचने में मदद होगी। इसके अलावा अगर शिशु के मुंह में छाले हो गए है और स्‍तनपान कराने के बाद मुंह के फंक्‍शन और बैक्‍टीरिया निप्‍पल में रह जाते है, इसलिए स्‍तनों को बार बार साफ करते रहना चाहिए।