सोमवार, 5 जुलाई 2021

नमक के फायदे और नुकसान

नमक के फायदे और नुकसान: नमक जिसे सोडियम भी कहते है शरीर के लिए छोटी मात्रा में जरूरी है लेकिन अधिक सेवन करने पर गंभीर, दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. उच्च स्तर के नमक की खपत में कई नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं, जैसे रक्तचाप और हृदय संबंधी जटिलताओं फिर भी विशेषज्ञों के अनुसार मध्यम मात्रा में नमक जो स्वास्थ्य की सिफारिशों को पूरा करता हैं. कुछ स्वास्थ्य लाभ हैं, जैसे कि शरीर को ठीक से कार्य करना. रोज़ाना उपभोग करने वाले खाने में नमक की मात्रा भिन्न होती है.

नमक केवल खाने के स्वाद को बढ़ाने में नहीं बल्कि कई कामो में नमक का इस्तेमाल किया जाता है नमक खाने में उपयोग में आने वाली सबसे पुरानी चीज है. इसे दुनिया भर में काम लिया जाता है। दुनिया भर में लगभग 200 मिलियन टन का उत्पादन होता है जिसमे से खाने के लिए सिर्फ 6 % नमक काम आता है. खाने के अलावा नमक का उपयोग जहाँ ज्यादा बर्फ गिरती है वहाँ हाईवे से बर्फ हटाने में होता है. इसके अलावा वाटर कंडीशनिंग आदि में भी नमक का बहुत उपयोग होता है. नमक के फायदे और नुकसान के बारे में कई डॉक्टर्स ने अपने मत दिए.

नमक को कई तरह से बनाया जाता है जिसे खाने के नमक समुद्र के पानी से बनाया जाता है.और सेंधा नमक चट्टानों के बीच से प्राप्त होता है और इसे व्रत के समय खाया जाता है. सेंधा नमक में बहुत ज्यादा मात्रा में पोषक तत्वों की होती है.
टेबल नमक 40 प्रतिशत सोडियम है, और इसका सबसे सामान्य आहार स्रोत है. टेबल के नमक के एक चम्मच में 2,300 मिलीग्राम सोडियम है, जो कि प्रति दिन स्वस्थ वयस्क प्रतिदिन सोडियम के अधिकतम सेवन की सिफारिश है. सरकारी पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति को रोज़ाना 1,500 मिलीग्राम तक अपने सोडियम सेवन तक सीमित होना चाहिए.

ध्यान रखें कि कई खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से संसाधित और तैयार किए गए खाद्य पदार्थ, में सोडियम का उच्च स्तर होता है। कंजस्टिव दिल विफलता वाले लोग, यकृत और गुर्दा की बीमारी के सिरोसिस को सोडियम की काफी कम मात्रा की आवश्यकता हो सकती है. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन फ्रांसिस्को और कोलंबिया विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर द्वारा 2010 में जारी एक संयुक्त अध्ययन के अनुसार, अफ्रीकी-अमेरिकियों के लिए नमक के प्रभाव अधिक स्पष्ट हैं। यह जातीय समूह नमक के उच्च रक्तचाप के प्रभावों के प्रति संवेदनशील होने की अधिक संभावना है, क्योंकि अफ्रीकी-अमेरिकियों ने सोडियम अधिक आसानी से बनाए रखा है और आमतौर पर उच्च रक्तचाप को विकसित करने की अधिक संभावना है. नमक के फायदे और नुकसान जानने के लिए आप घर पर कुछ उपाय कर सकते है.

डॉक्टर्स मुताबिक 51 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को सोडियम के खराब प्रभाव से भी ज्यादा प्रवण होता है, क्योंकि रक्त वाहिकाओं को उम्र के साथ कठोर हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उच्च रक्तचाप के स्तर में हो सकता है. 2011 में “अमेरिकन जर्नल ऑफ हाईपरटेन्शन” में प्रकाशित एक अध्ययन में सामान्य रक्तचाप वाले काकेशियनों के आहार में सोडियम में तेज कमी देखी गई – उदाहरण के लिए, सप्ताह के एक मामले में उच्च-से-कम सोडियम आहार से संक्रमण हो सकता है – कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी का कारण बनता है, संभावित रूप से कुछ हृदय स्वास्थ्य जोखिम बढ़ाना हालांकि, लॉरेंस ऐपेल, एमडी, जो जॉन हॉपकिंस स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर हैं, का कहना है कि परिणाम बहुत महत्वपूर्ण नहीं हैं क्योंकि उन्हें गंभीरता से माना जाता है.

सेंधा नमक शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है. साधारण नमक हमारे आम जीवन में खाने में उपयोग नमक को कही तरह से उपयोग किया जाता है. साधारण लोहे के तवे पर थोड़ा सा नमक बुरकने के बाद चिल्ला बनाएंगे तो आपका नमक तवे पर चिपकेगा नहीं .मतलब इस तरह से नमक के उपयोग से आप अपने साधारण से तवे को नॉन-स्टिक बर्तन में बदल सकते है और बर्तन से या लहसुन की या प्याज की गंध आती है तो उस बर्तन को नमक के घोल वाले पानी से धोने से उसकी गंध दूर हो जाती है. पिसे हुए मसाले , मिर्च , हल्दी , धनिया आदि में नमक मिलाकर रखने इन में कीड़े या जाले नहीं पड़ेंगे और मसाले ख़राब नहीं होंगे. और भी कई फायदे है नमक के जैसे की एक किलो मसाले में 50 ग्राम नमक के अनुपात से मिला सकते है. डस्टबिन में से आने वाली गंध मिटाने के लिए उसमे थोड़ा नमक डाल दें.और यदि घर में नाली या सीवर में कॉक्रोच, कीड़े, मच्छर आदि है तो उन्हें मारने के लिए या उनके रोकथाम के लिए पानी में नमक घोल कर यदि में नाली या सीवर में डालती है तो कीड़े नहीं पनपते है और बदबू भी नहीं आती है.

यदि आपके बिस्किट बहुत जाती नरम हो जाते है उनका कुरकुरापन जल्दी खत्म हो जाता है तो इनको नमक के साथ रखेंगे तो ये सही रहेंगे.पानी में नमक डालकर सफाई करते है तो बेक्टरीआ नहीं बनते है और घर में सफाई भी रहती है. मोमबत्ती पर यदि नमक का लेप लगाया जाएँ तो वह बहुत देर तक जलती रहती है.यदि आपके दातों में दर्द होता है या फिर मसूड़ों में खून आता है तो नमक का सेवन कर सकते है. और भी गई रोग जैसे गले में टॉन्सिल हो, गले में खराश हो, दर्द हो, आवाज दब गई हो तो एक गिलास गुनगुने पानी में नमक मिलाकर पीने से ये बीमारियां तो दूर होती है साथ ही हिचकी आना भी बंद हो जाती है.

हमारा शरीर नमक की निर्धारित मात्रा को पचा पाता है अगर शरीर की शक्ति से अधिक या कम नमक का प्रयोग किया जाता है तो इससे कई घातक बीमारियां हो सकती है इसीलिए अपने भोजन में नमक की मात्रा का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है.क्योंकि ज्यादा नमक खाने वाले लोगों को गुर्दे की पथरी और हड्डियों के कमजोर होना, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा हो सकता है. सोडियम और कैल्शियम के बीच एक महत्वपूर्ण सम्बंध का पता लगाया है. जब सोडियम की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है, तो शरीर मूत्र के जरिए इसे बाहर निकाल देता है लेकिन सोडियम के साथ-साथ कैल्शियम भी शरीर से बाहर निकल जाता है.और कैल्सियम हड्डियों के काफी जरूरी होता है. और भी कई नुकसान है नमक ज्यादा खाने के लेकिन जितने फायदे है उस कम नुक्सान है. आपको ये हमारी नमक के फायदे और नुकसान वाली पोस्ट किसी लगी हमें बताएं और अपने फेसबुक प्रोफाइल से इसको दुसरे लोगों तक ज़रूर शेयर करें.

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