रविवार, 4 जुलाई 2021

मिश्री खाने के यह 5 सेहत लाभ, आप भी जानिए

आम तौर पर मिश्री का प्रयोग भोजन के बाद पाचन के लिए किया जाता है, लेकिन इसके अलावा भी मिश्री के कुछ फायदे हैं, जो आप शायद ही जानते हों, लेकिन आपको जरूर जानना चाहिए - 

1 गले में खराश होने पर मिश्री आपके लिए मददगार है। खराश होने पर मिश्री का पानी बनाकर पिएं या फिर मिश्री को चूसें, इससे खराब तो दूर होगी ही, जुकाम भी कुछ हद तक कम होगा।

2 टॉन्सिल्स का निराकरण भी मिश्री से किया जा सकता है, टॉन्सिल्स होने पर मिश्री को मक्खन और इलायची के साथ समान मात्रा में मिलाकर सुबह शाम खाने से लाभ होगा।

साइनस की समस्या होने पर एक कटोरी पानी में 10 छोटी मिश्री, 10 काली मिर्च, 10 तुलसी के पत्ते और जरा सा अदरक डालकर उबालें, जब यह पानी आधा रह जाए तब इसे छानकर गुनगुना ही खाली पेट पिएं। 

4 पेट दर्द या डायरिया होने की स्थ‍िति में मिश्री को नीम की पत्त‍ियों के साथ मिलाकर खाना फायदेमंद होता है, इसके अलावा छाले होने पर मिश्री औ इलायची का मिश्रण लगाने से लाथ होता है। 

बवासीर होने पर मिश्री को मक्खन और नागकेसर के साथ मिलाकर खाने से काफी लाभ होता है और यह समस्या समाप्त हो जाती है।

मोठ खाने के 5 फायदे, आपको जरूर जानना चाहिए

अंकुरित मूंग के साथ आपने मोठ भी जरूर खाए होंगे, अगर नहीं खाए तो आपको जरूर इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। क्योंकि इससे होने वाले यह 5 फायदे आपको कहीं नहीं मिलेंगे। जानिए 5 फायदे - 

यह प्रोटीन और कैल्शियम का एक बढ़िया स्त्रोत है, जो आपको भरपूर मात्रा में फाइबर भी देता है। इतना ही नहीं यह विटामिन्स और मिनरल्स का भी अच्छा स्त्रोत है।

इसमें मौजूद जिंक आपके इम्यून पावर को बढ़ाता है, साथ ही यह शरीर को तनाव के कुप्रभावों से भी बचाता है। 

मोठ का सेवन करना मांसपेशियों के लिए काफी फायदेमंद है। मांसपेशियों के विकास में सहायक होने के साथ ही यह वसा को कम करने में भी मददगार है।

4 चूंकि यह फाइबर से भरपूर होती है, अत: यह आपको कब्ज की समस्या से बचाती है और पाचन तंत्र को सुरक्षित व स्वस्थ रखती है।

5 कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने का गुण होने के कारण यह ब्लडप्रेशर की समस्याओं में भी फायदेमंद है। हाई ब्लडप्रेशर में यह लाभकारी है।

 

दूध में तुलसी डालकर रोज पिएंगे, तो सेहत के 5 लाभ आपके

दूधपोषण के लिहाज से अमृत के समान है और तुलसी को औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है जो आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर कई रोगों से आपकी रक्षा करती है। इन दोनों का मिश्रण कर लिया जाएं, तो पोषण के साथ-साथ सेहत और उससे जुड़े कई फायदे पाए जा सकते हैं। अब जब भी आप दूध पिएं, उसमें तुलसी की पत्त‍ियां डालें और पाएं यह 5 फायदे -

दमा के मरीजों के लिए यह उपाय फायदेमंद है। खास तौर से मौसम में बदलाव होने पर होने वाली सांस संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दूध और तुलसी का यह मिश्रण बेहद लाभकारी होता है।

सि‍र में दर्द या माइग्रेन की समस्या होने पर यह उपाय आपको रोहत देगा। जब भी माइग्रेन का दर्द हो आप इसे पी सकते हैं, रोजाना इसका सेवन करने से आपकी समस्या भी खत्म हो सकती है।

तनाव अगर आपके जीवन का भी अभिन्न अंग बन गया है, तो दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पिएं, आपका तनाव दूर होगा और धीरे-धीरे तनाव की समस्या ही समाप्त हो जाएगी।

हृदय की समस्याओं में भी यह लाभदायक है। सुबह खाली पेट इस दूध को पीने से हृदय संबंधी रोगों में लाभ पाया जा सकता है। इसके अलावा यह किडनी में होने वाली पथरी के लिए भी अच्छा उपचार है।

तुलसी में कैंसर कोशिकाओं से लड़ने का गुण होता है, अत: इसका सेवन आपको कैंसर से बचा सकता है। इसके अलावा सर्दी के कारण होने वाली सेहत समस्याओं में भी यह कारगर उपाय साबित होगा।

सूजी खाने के 5 फायदे, क्या आपको पता है ?

सूजी का हलवा तो आपने खाया ही होगा, सूजी से अनेक अन्य स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाए जाते हैं जो स्वाद के साथ सेहत के फायदे भी देते हैं। आप भी जानिए सूजी खाने के यह 5 फायदे - 

1 सूजी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है, जो शरीर में शर्करा की मात्रा नहीं बढ़ाता और डाइबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। 

इसमें वसा नहीं होता, जिससे आपका वजन बढ़ने का सवाल ही नहीं उठता। इसके अलावा यह वजन कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

यह एक हल्का आहार है, जो आपके शरीर की ऊर्जा को नहीं चुराता, बल्कि इसे खाने के बाद आप भारीपन महसूस करने के बजाए हल्का ही महसूस करते हैं।

4 यह हल्का होने के कारण आसानी से पच जाता है और पाचन संबंधी समस्याएं पैदा नहीं करता। पेट भी आसानी से साफ होता है।

5 इसमें फाइबर के साथ विटामिन ई, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स के अलावा अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जो सेहत से जुड़े कई फायदे देते हैं।

अमृत है आंवला, अवश्य पढ़ें 10 असरकारी गुण

विटामिन-सी से भरपूर आंवला, हर मौसम में लाभदायक होता है। यह आंखों, बालों और त्वचा के लिए तो फायदेमंद है ही, साथ ही इसके और भी कई फायदे हैं, जो आपके शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। आमतौर पर आंवले का प्रयोग अचार, मुरब्बा या चटनी के रूप में किया जाता है,लेकिन इसका अलग-अलग तरह से सेवन आपके लिए बेहद उपयोगी है। अगर आप नहीं जानते इस अनमोल फल के बारे में तो जरूर पढ़ि‍ए -

1 डायबिटीज के मरीजों के लिए आंवला बहुत काम की चीज है। पीड़ि‍त व्यक्ति अगर आंवले के रस का प्रतिदिन शहद के साथ सेवन करे तो बीमारी से राहत मिलती है।

एसिडिटी की समस्या होने पर आंवला बेहद फायदेमंद होता है। आंवला का पाउडर, चीनी के साथ मिलाकर खाने या पानी में डालकर पीने से एसिडिटी से राहत मिलती है। इसके अलावा आंवले का जूस पीने से पेट की सारी समस्याओं से निजात मि‍लती है।

पथरी की समस्या में भी आंवला कारगर उपाय साबित होता है। पथरी होने पर 40 दिन तक आंवले को सुखाकर उसका पाउडर बना लें, और उस पाउडर को प्रतिदिन मूली के रस में मिलाकर खाएं। इस प्रयोग से कुछ ही दिनों में पथरी गल जाएगी।

रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर, प्रतिदिन आंवले के रस का सेवन करना काफी लाभप्रद होता है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है, और खून की कमी नहीं होने देता।

5 आंखों के लिए आंवला अमृत समान है, यह आंखों की रौशनी को बढ़ाने में सहायक होता है। इसके लिए रोजाना एक चम्मच आंवला के पाउडर को शहद के साथ लेने से लाभ मिलता है और मोतियाबिंद की समस्या भी खत्म हो जाती है।

6 बुखार से छुटकारा पाने के लिए आंवले के रस में छौंक लगाकर इसका सेवन करना चाहिए, इसके अलावा दांतों में दर्द और कैविटी होने पर आंवले के रस में थोड़ा सा कपूर मिला कर मसूड़ों पर लगाने से आराम मिलता है।

शरीर में गर्मी बढ़ जाने पर आंवल सबसे बेहतर उपाय है। आंवले के रस का सेवन या आंवले को किसी भी रूप में खाने पर यह ठंडक प्रदान करता है। हिचकी तथा उल्टी होने की पर आंवले के रस को मिश्री के साथ दिन में दो-तीन बार सेवन करने से काफी राहत मिलेगी।

याददाश्त बढ़ाने में आंवला काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए सुबह के समय आंवला के मुरब्बा गाय के दूध के साथ लेने से लाभ होता है,
इसके अलावा आप प्रतिदिन आंवले के रस का प्रयोग भी कर सकते हैं।

चेहरे के दाग-धब्बे हटाकर उसे खूबसूरत बनाने के लिए भी आंवला आपके लिए उपयोगी होता है। इसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ, चमकदार होती है और झुर्रियां भी कम हो जाती हैं।

10 बालों को काला, घना और चमकदार बनाने के लिए आंवले का प्रयोग होता है, इसके पाउडर से बाल धोने या फिर इसका सेवन करने से बालों की समस्याओं से निजात मिलती है।अमृत है आंवला, अवश्य पढ़ें 10 असरकारी गुण

केले के यह घरेलू प्रयोग, दूर करेंगे कई रोग

केला एक ऐसा फल है जिसे हर कोई सेहत और स्वाद दोनों के लिए खाना पसंद करता है। लेकिन इसके कुछ फायदे तो ऐसे हैं जो आपको निश्चित रूप से नहीं पता होंगे ....जरूर पढ़ें इसे...

प्रतिदिन दो केले खाने से सभी प्रकार के विटामिनों की पूर्ति हो जाती है।

सुबह दो केले खाकर गुनगुना दूध पिएं, केला रोज खाने वाला व्यक्ति सदा स्वस्थ रहता है, चित्तीदार या धब्बेदार, पतले छिलके वाला केला खाना अधिक लाभदायक होता है।

भोजन के बाद यदि दो केले रोज खाए जाएं तो ये भोजन भी पचाते हैं और बल बढ़ाते हैं, इससे पाचन शक्ति ठीक होती है।

एक गिलास दूध में एक चम्मच घी, एक चुटकी पिसी इलायची मिला लें, एक टुकड़ा केला खाएं और साथ ही एक घूंट दूध पिएं। इस प्रकार दो केले नित्य खाने से शरीर सुडौल, मोटा होता है।

केले से बल, वीर्य तथा शुक्राणु (स्पर्म) की वृद्धि होती है।

दिमागी ताकत तथा कामशक्ति बढ़ती है, स्त्रियों का प्रदर रोग ठीक होता है।

केला तथा दमा : एक पका केला छिलके सहित सेंकें। इसके बाद इसका छिलका हटा दें व केले के टुकड़े कर लें। इस पर 15 काली मिर्च पीसकर बुरक दें व गरम-गरम ही दमा रोगी को खिलाएं, दमा के दौरे में लाभ होगा।

खांसी : एक पके केले में आठ साबुत काली मिर्च भर दें, वापस छिलका लगाकर खुले स्थान पर रख दें। शौच जाने के पूर्व प्रातः काली मिर्च निकालकर खा जाएं, फिर ऊपर से केला भी खा जाएं। इस प्रकार कुछ दिन करने से हर तरह की खांसी ठीक हो जाती है।

यह 8 चीजें खाना, खून की बॉटल चढ़ाने के समान है

पिछले कुछ दिनों से राजीव की त्वचा पीली पड़ गई थी। सांस जल्दी फूलती थी और चक्कर से आते थे। यहां तक कि उसे अजीब चीजें जैसे मिट्टी, बर्फ खाने का मन करता था। काफी परेशान राजीव ने जब इस बात को लेकर डॉक्टर को दिखाया तो पता लगा उसे खून की कमी है। इसे साधारण भाषा में एनीमिया कहते हैं। ऐसे में शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है।

डॉक्टर चड्ढा ने राजीव को तुरंत ईलाज तो लिखा ही जिनमें गोलियां और सिरप शामिल थे परंतु साथ ही बताईं ऐसी चीजें जिनका सेवन खून की बॉटल चढ़ने जैसा प्रभाव छोड़ता है। आप सोच रहे होंगे ऐसी कौन सी खाने की चीजें हैं जो खून चढ़ने जैसा असर करती हैं। डॉक्टर चड्ढा ने राजीव को बड़ी ही खास जानकारी दी, आप भी जानिए। राजीव को बात समझने में आसानी हो इसके लिए डॉक्टर ने उसे खाने के रंग पर ध्यान देने के लिए कहा। खून लाल होता है तो क्यों न ऐसी ही लाल चीजों को जानें जो शरीर में खून बढ़ाने का काम करती हैं।

चुंकदर - चुंकदर की खासियतें जितनी कही जाएं उतनी कम है। यह कैल्शियम, आयरन और विटामिन ए और विटामिन सी भरपूर देता है। इसमें भी ढेर सारा फोलिक एसिड है। इसके अलावा फायबर, मैग्नीज़ और पोटेशियम का खजाना भी छिपा है इसमें।

तरबूज़ - तरबूज 91 प्रतिशत पानी होता है। इसमें 6 प्रतिशत शक्कर और बहुत ही कम फैट होता है। इसमें न्यूट्रीएंट्स ढेर सारे हैं। हर बार तरबूज खाने पर आपको विटामिन ए, बी6 और सी मिलता है। इसके अलावा बहुत सारा ल्योकोपेन, एंटीऑक्सीडेंट और अमीनो एसिड मिलता है। साथ ही यह है खास स्त्रोत पोटेशियम के लिए।

टमाटर - टमाटर देता है काफी सारा विटामिन ई (एल्फा टोकोफेरोल), थियामिन, निआचिन, विटामिन बी6, मैग्निसियम, फॉस्फोरस और कॉपर। इसके साथ ही यह फायबर, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, पोटेसियम और मैग्नीज़ का भी बढिया स्त्रोत है।

गाजर - इसे अक्सर बेहतरीन हेल्दी खाने का दर्जा दिया जाता है। यह खासतौर पर बिटा-कैरोटीन, फायबर, विटामिन के, पोटेसियम और एंटीऑक्सिडेंट देती है।

बादाम - बादाम बेहद स्वास्थ्यवर्धक चीज़ है। इसमें प्रोटीन, फायबर, विटामिन ई, मैग्निसियम, रिबोफ्लाविन, कैल्शियम और पोटेशियम की काफी मात्रा होती है।

शलजम - शलजम में बहुत अधिक मात्रा में मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट और डाइटरी फायबर होता है। इसमें इम्यून सिस्टम मजबूत करने वाला विटामिन सी ढेर सारा मिलता है।

स्ट्रॉबेरी - स्ट्रॉबेरी विटामिंस, फायबर और हाई लेवल के एंटीऑक्सीडेंट्स (पोलीफिनोल्स) का अच्छा स्त्रोत है। यह सोडियम फ्री, फैट फ्री और कोलेस्ट्रॉल फ्री खाद्य है। यह मैग्निज़ और पोटेशियम की बढ़िया मात्रा देता है।

खजूर - कॉपर, मैग्निसियम, मैग्नीज़, विटामिन बी6 (पायरिडोक्साइन), निआचिन, पैंटोथेनिक एसिड और रिबोफ्लाविन खजूर में होते हैं। इससे यह एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है। इसके उपयोग से कॉर्बोहाईड्रेड, प्रोटीन और फैट का शरीर सही इस्तेमाल कर पाता है।

इतनी जानकारी देने के बाद, डॉक्टर चड्ढा ने राजीव को तुरंत ही अपने खाने में इन चीजों के इस्तेमाल की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खून बढ़ाने के लिए और भी चीजें इस्तेमाल की जा सकती हैं जो हरी हैं। उनकी जानकारी वे फिर कभी देंगे। साथ ही कहा कि दवाईयों को समय से लें। राजीव को मुश्किल आई उससे आप बच सकते हैं। देर न कीजिए और इन चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बना लीजिए। खून की कमी क्या होती है आपको पता भी नहीं चलेगा।

ठंड के दिनों में रोज खाएं घर का बना घी, पढ़ें लाजवाब गुण

'घी- स्मृति, मेधा, ऊर्जा, बलवीर्य, ओज, कफ और वसावर्धक है। यह वात, पित्त, बुखार और विषैले पदार्थों का नाशक है।'-चरक संहिता

हृदयरोग विशेषज्ञों के साथ मोटापे और दिल के रोगियों का सबसे अधिक गुस्सा घी पर ही उतरता है। आयुर्वेद में घी को औषधि माना गया है। इस सबसे प्राचीन सात्विक आहार से सर्वदोषों का निवारण होता है। वात और पित्त को शांत करने में सर्वश्रेष्ठ है साथ ही कफ भी संतुलित होता है। इससे स्वस्थ वसा प्राप्त होती है, जो लिवर और रोग प्रतिरोधक प्रणाली को ठीक रखने के लिए जरूरी है। घर का बना हुआ घी बाजार के मिलावटी घी से कहीं बेहतर होता है।

घी में उतने अवगुण नहीं हैं जितने गुण छिपे हुए हैं। यह सच है कि पॉलीअनसैचुरेटेड वसा को आग पर चढ़ाना अस्वास्थकर होता है, क्योंकि ऐसा करने से पैरॉक्साइड्स और अन्य फ्री रेडिकल्स निकलते हैं। इन पदार्थों की वजह से अनेक बीमारियां और समस्याएं पैदा होती हैं। इसका अर्थ यह भी है कि वनस्पतिजन्य सभी खाद्य तेलों स्वास्थ्य के लिए कमोबेश हानिकारक तो हैं ही।

फायदेमंद है घी

घी का मामला थोड़ा जुदा है। वो इसलिए कि घी का स्मोकिंग पॉइंट दूसरी वसाओं की तुलना में बहुत अधिक है। यही वजह है कि पकाते समय आसानी से नहीं जलता। घी में स्थिर सेचुरेटेड बॉण्ड्स बहुत अधिक होते हैं जिससे फ्री रेडिकल्स निकलने की आशंका बहुत कम होती है। घी की छोटी फैटी एसिड की चेन को शरीर बहुत जल्दी पचा लेता है। अब तक आप बहुत उलझन में पड़ गए होंगे कि क्या वाकई घी इतना फायदेमंद है? अब तक तो सभी यही समझा रहे थे कि देशी घी ही रोगों की सबसे बड़ी जड़ है?

कोलेस्ट्रॉल कम होता है

घी पर हुए शोध बताते हैं कि इससे रक्त और आंतों में मौजूद कोलेस्ट्रॉल कम होता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि घी से बाइलरी लिपिड का स्राव बढ़ जाता है। घी नाड़ी प्रणाली एवं मस्तिष्क के लिए भी श्रेष्ठ औषधि माना गया है। इससे आंखों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है, इसलिए ग्लूकोमा के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। हो सकता है इस जानकारी ने आपको आश्चर्य में डाल दिया हो।

क्या रखें सावधानियां

भैंस के दूध के मुकाबले गाय के दूध में वसा की मात्रा कम होती है इसलिए शुरू में निराश न हों। हमेशा इतना बनाएं कि वह जल्दी ही खत्म हो जाए। अगले हफ्ते पुनः यही प्रक्रिया दोहराई जा सकती है। गाय के दूध में सामान्य दूध की ही तरह ही प्रदूषण का असर हो सकता है, मसलन कीटनाशक और कृत्रिम खाद के अंश चारे के साथ गाय के पेट में जा सकते हैं। जैविक घी में इस तरह के प्रदूषण से बचने की कोशिश की जाती है। यदि संभव हो तो गाय के दूध में कीटनाशकों और रासायनिक खाद के अंश की जांच कराई जा सकती है।

घी खाएं या नहीं

यदि आप स्वस्थ हैं तो घी जरूर खाएं, क्योंकि यह मक्खन से अधिक सुरक्षित है। इसमें तेल से अधिक पोषक तत्व हैं। आपने पंजाब और हरियाणा के निवासियों को देखा होगा। वे टनों घी खाते हैं लेकिन सबसे अधिक फिट और मेहनती हैं। यद्यपि घी पर अभी और शोधों के नतीजे आने शेष हैं लेकिन प्राचीनकाल से ही आयुर्वेद में अल्सर, कब्ज, आंखों की बीमारियों के साथ त्वचा रोगों के इलाज के लिए घी का प्रयोग किया जाता है।

रोज खाएं मखाना और इन 6 बीमारियों को करें टाटा

मखाना एक हल्का-फुल्का स्नैक्स है जिसे हम सूखे मेवों में शामिल करते हैं। अगर इसे नियमित तौर पर सही तरीके से अपनी डाइट में शामिल किया जाए, तो इसके अगगिनत सेहत लाभ पाए जा सकते हैं। जानिए इसके 6 सेहत लाभ और सेवन करने की विधि - 

सेवन की विधि - अगर आप जल्द से जल्द मधुमेह को खत्म करना चाहते है और सेहत के अन्य लाभ पाना चाहते हैं, तो सुबह खाली पेट चार मखाने खाएं। इनका सेवन कुछ दिनों तक लगातार करें। 

आप मखाने के चार दानों का सेवन करके शुगर से हमेशा के लिए निजात पा सकते है। इसके सेवन से शरीर में इंसुलिन बनने लगता है और शुगर की मात्रा कम हो जाती है। फिर धीरे-धीरे शुगर रोग भी खत्म हो जाता है। 

2 दिल के लिए फायदेमंद - मखाना केवल शुगर के मरीज के लिए ही नहीं बल्कि हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में भी फायदेमंद है। इनके सेवन से दिल स्वस्थ रहता है और पाचन क्रिया भी दुरूस्त रहती है। 

3 तनाव कम - मखाने के सेवन से तनाव दूर होता है और अनिद्रा की समस्या भी दूर रहती है। रात को सोने से पहले दूध के साथ मखानों का सेवन करें और खुद फर्क महसूस करें। 

4 जोड़ों का दर्द दूर - मखाने में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इनका सेवन जोड़ों के दर्द, गठिया जैसे मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। 

5 पाचन में सुधार - मखाना एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो सभी आयु वर्ग के लोगों को आसानी से पच जाता है। इसके अलावा फूल मखाने में एस्‍ट्रीजन गुण भी होते हैं जिससे यह दस्त से राहत देता है और भूख में सुधार करने के लिए मददगार है। 

6 किडनी को मजबूत - फूल मखाने में मीठा बहुत कम होने के कारण यह स्प्लीन को डिटॉक्‍सीफाइ करता है। किडनी को मजबूत बनाने और ब्‍लड को बेहतर रखने के लिए खानों का नियमित सेवन करें।

हरी मटर खाने से होंगे सेहत के यह 10 फायदे

ठंड के मौसम में रंगबिरंगी सब्जियों के साथ ही हरी मटर को काफी पसंद किया जाता है।

मटर की मौजूदगी भोजन के प्रति आपकी रुचि के दुगुना जो कर देती है। सब्जी को या पुलाव, पराठे हों या पोहा, ठंड के दिनों में बगैर मटर के सब अधूरा ही होता है।

अब आप मटर को इतना ही पसंद करते हैं, तो चलिए हम आपको इसके फायदे भी बता देते हैं। स्वाद, सेहत और सौंदर्य का अनोखा मिश्रण है हरी मटर। जानिए हरी मटर के यह 10 बेहतरीन फायदे -

मटर खाने का सबसे बड़ा फायदा है कि यह कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है और आपको मोटापे के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों से बचाता है। यह ब्लड कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है।

चूंकि यह शरीर में और रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, इसलिए इसके सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होता है। प्रतिदिन हरी मटर का सेवन करना आपके दिल को स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

आकार में भले ही मटर छोटा हो लेकिन यह कैंसर जैसी बीमारियों से भी आपको छुटकारा दिला सकता है। इसे नियमित खाने से कैंसर की बीमारी का खतरा कम होता है। खासतौर से पेट के कैंसर में मटर बहुत लाभकारी है।

 मटर के दाने फाइबर से भरपूर होते हैं, जो आपको उर्जावान बनाए रखते हैं। हरी मटर को नियमित खाने से आप लंबे समय तक जवां नजर आते हैं और बढ़ती उम्र का असर जल्दी दिखाई नहीं देता।

5 गर्भवती महिलाओं के लिए हरी मटर काफी फायदेमंद है। यह गर्भवती महिला के साथ-साथ भ्रूण को भी पर्याप्त पोषण देती है। इसके अलावा सामान्य महिलाओं में माहवारी की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मटर सहायक होती है।

 हरी मटर में प्रोटीन के साथ ही विटामिन-के की मात्रा भरपूर होती है, जो हड्ड‍ियों की बीमारियों और खासतौर से ऑस्ट‍ियोपोरोसिस से बचाव करने में सहायक होती है।

अगर आप चेहरे पर झाइयों से परेशान हैं, तो मटर के पेस्ट को चेहरे पर लगाकर आधे घंटे के बाद धो लें। प्रतिदिन इस प्रयोग को करें। अन्य दिनों में मटर के आटे का प्रयोग भी कर सकते हैं। 

8 मटर के दानों का दरदरा पेस्ट त्वचा के लिए बेहतरीन स्क्रब है। इससे आपकी त्वचा को पोषण मिलेगा और चेहरा बेदाग होगा। धीरे-धीरे चेहरे की चमक बढ़ जाएगी।

 यदि आपको लगता है कि आप रोजाना की छोटी-छोटी चीजें याद नहीं रख पाते, तो हरी मटर का नियमित सेवन कीजिए। यह आपकी स्मरण शक्ति को बढ़ाने में मदद करेगी।

10 शरीर के किसी भी स्थान पर जल जाने की स्थि‍ति में मटर के दानों का महीन लेप लगाने से आराम होता है। यह जले हुए स्थान पर ठंडक प्रदान करने के साथ घाव को बढ़ने नहीं देगा।

काजू के यह 5 फायदे, क्या आप जानते हैं ?

सूखे मेवों में काजू सबसे स्वादिष्ट मेवा है, जिसका प्रयोग सब्जी की ग्रेवी, विभिन्न पकवान और खास तौर से काजू कतली बनाने के लिए किया जाता है। सिर्फ स्वाद ही नहीं, काजू सेहत और सौंदर्य के यह खास फायदे भी देता है। जरूर जानिए - 1 सूखे मेवे यूं भी काफी फायदेमंद होते हैं। इनमें काजू खास तौर से आपको ऊर्जा देने में मदद करता है और इसे प्रोटीन एवं वि‍टामिन बी का एक बेहतरीन स्त्रोत माना जाता है।

2 इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो दिमाग के साथ-साथ त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। यह आपकी त्वचा में चमक लाएगा और तनाव से भी आपको बचाएगा।

3 इसमें मोनो सैचुराइड्स होते हैं, जो हड्ड‍ियों के साथ-साथ दिल को भी स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रखने में मददगार होते हैं। इसके अलावा काजू कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी फायदेमंद है।

4 काजू आयरन का अच्छा विकल्प है। यह आयरन की कमी को पूरा करने के साथ ही रक्त की कमी को भी दूर करता है। एनीमिया के मरीजों के लिए काजू फायदेमंद है।

5 ठंडी तासीर वालों के लिए काजू ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि काजू की तासीर गर्म होती है। यह शक्तिवर्धक एवं वीर्यवर्धक होता है।

रसीले मीठे सेब के यह 6 फायदे बहुत काम के हैं

सेब अक्सर हम डॉक्टर के कहने पर या बीमार होने पर खाते हैं लेकिन अगर आप सेब के यह 6 गुण जानेंगे तो हर दिन खाएंगे....

मस्तिष्क की कमजोरी दूर करने के लिए सेब एक अचूक इलाज है। ऐसे रोगी को प्रतिदिन एक सेब खाने को दें। इसके अतिरिक्त रोगी को दोपहर तथा रात को भोजन में कच्चे सेबों की सब्जी दें।

शाम को एक गिलास सेब का रस दें तथा रात को सोने से पूर्व एक पका मीठा सेब खिलाएं। इससे एक महीने में ही रोगी की दशा में सुधार आने लगता है।

जिन लोगों की आंखें कमजोर हैं उन्हें एक ताजा सेब की पुल्टिस कुछ दिनों तक आंखों पर बांधनी चाहिए। यदि भोजन के साथ प्रतिदिन ताजा मक्खन तथा मीठा सेब खाएं तो नेत्र ज्योति तो तेज होती ही है साथ ही दस्त व पेशाब खुलकर आता है तथा चेहरा सुर्ख हो जाता है।

हर दिन एक सेब खाने से कमर की चर्बी बढ़ने की संभावना भी करीब 21 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

सेब में विटामिन ए व सी, कैल्शियम, पोटेशियम और फाइबर बहुतायत में होता है। ये वे पोषक तत्व हैं जो हमें सेहतमंद बनाते हैं।

इसमें प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स छुपे हैं। लाल सेब में तो सेब की अन्य प्रजातियों की तुलना में सबसे ज्यादा एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। इस वजह से लाल सेब कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और पार्किंसन व अल्जाइमर जैसी बीमारी में बहुत लाभकारी रहता है।

 

सेहत और सुंदरता को निखारती हैं यह 5 सब्जियां

सब्जियां सिर्फ सेहत के लिए ही उपयोगी नहीं होतीं, बल्कि ये आपकी सुंदरता में भी इजाफा कर सकती हैं। यकीन नहीं होता? तो आजमाइए इन असरदार उपायों को। दिन-ब-दिन निखरती त्वचा आपको अहसास दिला देगी कि सब्जियां

सौंदर्यकारी भी होती हैं।

टमाटर: टमाटर के रस में नीबू का रस मिलाकर लगाने से खुले रोम छिद्रों की समस्या दूर होती है। तैलीय त्वचा होने पर टमाटर को आधा काटकर चेहरे पर रगड़ें। कुछ देर बाद चेहरा धोकर पोंछ लें। ऐसा करने से अतिरिक्त तैलीयता दूर होती है।

आलू : आलू की पतली स्लाइसें आँखों पर रखने से थकी आँखों को राहत मिलती है। कच्चे आलू का रस आँखों के डार्क सर्कल्स दूर करता है। आलू उबालने के बाद बचा पानी फेंकिए नहीं, इसमें कुछ देर हाथ डुबोकर रखें, फिर साफ पानी से धोएँ। आपके हाथ साफ व मुलायम हो जाएँगे।

खीरा: खीरा नैचुरल क्लींजर है। ऑइली स्कीन वालों के लिए यह बेदह लाभप्रद है। खीरे के रस में चंदन पावडर मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएँ। कुछ देर बाद धो लें। इसके नियमित प्रयोग से चेहरा झाइयों रहित हो जाएगा। इसके अलावा खीरा (ककड़ी) के रस में गुलाबजल एवं कुछ बूँदें नीबू का रस मिलाकर लगाने से चेहरे का रंग साफ होता है।

पुदीना : महकता पुदीना आपको मुँहासों की समस्या से मुक्ति दिला सकता है। पुदीना पेस्ट में चंदन चूरा एवं मुल्तानी मिट्टी मिलाकर चेहरे पर लगाएँ। सूखने पर धो लें। इसका नियमित इस्तेमाल पिंपल्स दूर करने में सहायक है।मूली

मूली : सलाद की शान मूली आपके मुरझाए चेहरे में नई जान डाल सकती है। मूली के रस में मक्खन मिलाकर नियमित चेहरे पर लगाने से रुखापन एवं झाइयाँ दूर होती हैं। मूली का रस ब्लैकहेड्स से निजात दिलाता है।